यूपी। शंकराचार्य से जुड़े विवाद और यूजीसी के नए नियमों के विरोध में पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर सुभासपा अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अलंकार सुर्खियों में आकर राजनीति में कदम रखना चाहते हैं और किसी राजनीतिक दल से टिकट की उम्मीद कर रहे हैं।
राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि केवल अधिकारी होने से कोई नेता नहीं बन जाता, राजनीति के लिए जरूरी गुण भी होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी से संबंधित कानून सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत बनाया गया है। यदि किसी को इससे आपत्ति है तो उसे न्यायालय का दरवाजा खटखटाना चाहिए। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि धर्मगुरुओं को केवल धार्मिक विषयों तक ही सीमित रहना चाहिए, राजनीति में टिप्पणी करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री को लेकर की गई टिप्पणी को उन्होंने गलत बताया।
इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के समर्थन में प्रचार करने की घोषणा पर भी राजभर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जहां-जहां चुनाव प्रचार के लिए गए, वहां भाजपा को ही फायदा हुआ। मध्य प्रदेश, दिल्ली और मुंबई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हर जगह भाजपा की सरकार बनी, जिससे साफ है कि ये लोग अनजाने में भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों के कथित अपमान तथा यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पीसीएस अधिकारी अलंकार ने इसे पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला बताया है और साफ किया है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।