‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जून को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित छात्र विरोध-प्रदर्शन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बड़ा मुद्दा उठाया है। इस पत्र में उन्होंने पेपर लीक से जुड़े मामलों में कथित रूप से जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग को भी दोहराया है।
छात्रों की मौतों को लेकर गंभीर चिंता जताई
प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में अभिजीत दीपके ने कहा कि देश में परीक्षा प्रणाली को लेकर पैदा हुआ संकट छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और भविष्य पर गंभीर असर डाल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में पेपर लीक और परीक्षा विवादों के चलते कई छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें पिछले कुछ दिनों में हुई कुछ मौतें भी शामिल हैं। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दीपके ने लिखा कि यह स्थिति लगातार बिगड़ रही है और छात्र अनिश्चितता के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
1 करोड़ मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग
पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। उनका कहना है कि कई परिवारों ने बच्चों की शिक्षा के लिए कर्ज लिया और जीवनभर की जमा पूंजी खर्च कर दी, ऐसे में किसी छात्र की असमय मौत के बाद वे पूरी तरह असहाय हो जाते हैं।
इसी आधार पर उन्होंने हर प्रभावित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई की मांग
दीपके ने पत्र में कहा कि संगठन पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जवाबदेही तय न होने से छात्रों और अभिभावकों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
उन्होंने लिखा कि अगर जिम्मेदारी तय नहीं की गई तो यह संदेश जाएगा कि व्यवस्था मौजूदा स्थिति को स्वीकार कर चुकी है।
सरकार की छवि और जवाबदेही पर टिप्पणी
अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री को हटाने से सरकार की छवि कमजोर नहीं बल्कि मजबूत होगी, क्योंकि इससे जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कदम नहीं उठाया गया तो छात्रों और अभिभावकों में असंतोष और बढ़ सकता है।
20 जून के प्रदर्शन की तैयारी
दीपके ने बताया कि देशभर से छात्र 20 जून को जंतर-मंतर पर एकत्र होकर अपनी मांगें रखेंगे। इससे पहले 6 जून को भी इसी मुद्दे पर दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन हुआ था, जिसमें सैकड़ों छात्र और युवा शामिल हुए थे।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शामिल है।