नई दिल्ली। बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में खुले, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई और यह 9 पैसे टूट गया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 142 अंकों की बढ़त के साथ 76,342 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 18 अंकों की तेजी के साथ 23,842 पर कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
सेक्टोरल इंडेक्स का प्रदर्शन
मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बाजार में सेक्टोरल प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा सबसे ज्यादा बढ़त वाले सेक्टर रहे। इनके अलावा हेल्थकेयर, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, सर्विसेज, रियल्टी, एफएमसीजी और पीएसई सेक्टर भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
दूसरी ओर, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, मीडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में दबाव देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप का हाल
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 60.90 अंकों की बढ़त के साथ 62,138.65 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में मामूली 3 अंकों की तेजी देखने को मिली।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का मूवमेंट
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, बीईएल, सन फार्मा, टीसीएस, एलएंडटी, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और एमएंडएम जैसे शेयरों में तेजी रही।
वहीं भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, टाइटन, बजाज फिनसर्व और एचयूएल में गिरावट देखने को मिली।
विशेषज्ञों की राय
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर टेक शेयरों में दबाव और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण वॉल स्ट्रीट में गिरावट देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,950 के नीचे बना रहेगा, बाजार में दबाव की स्थिति बनी रह सकती है।
वैश्विक बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई और जकार्ता में कमजोरी रही, जबकि हांगकांग, सोल और बैंकॉक के बाजारों में तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में दबाव में रहे, जहां डाओ जोन्स में 0.09% और नैस्डैक में 2.21% की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी जारी रही। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.16% गिरकर 72.35 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड 0.98% की गिरावट के साथ 76.04 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।