लखनऊ। शहर के लालपुर नर्सरी के पीछे 17 जनवरी को हुई सत्यमदास मानिकपुरी (27) की हत्या का रहस्य पुलिस ने 56 दिन की कड़ी जांच के बाद सुलझा लिया है। मामले में पुलिस ने एक किशोर आरोपी को हिरासत में लिया है, जो लंबे समय से कानूनी विवादों में उलझा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, मृतक सत्यमदास ने लगातार आरोपी पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव बनाया, जिससे परेशान होकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। सत्यमदास पेशे से नृत्य प्रशिक्षक था और निजी विद्यालयों में कथक नृत्य सिखाया करता था। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले भी कई लड़कों के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बना चुका था।

तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज

हत्या के बाद शहर में दहशत का माहौल था क्योंकि घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्ष गवाह मौजूद नहीं था। पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और लगभग 5,000 मोबाइल नंबरों के कॉल डेटा का विश्लेषण किया। इसके अलावा 100 से अधिक लोगों से पूछताछ करने के बाद जांच की कड़ियां आरोपी किशोर तक पहुंचीं।

इंटरनेट और डिजिटल साक्ष्य से हुआ खुलासा

जांच में यह पता चला कि आरोपी और सत्यमदास के बीच पहले सहमति से संबंध थे। लेकिन कुछ समय बाद सत्यमदास ने आरोपी को लगातार ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मानसिक तनाव और डर से बचने के लिए आरोपी ने सत्यमदास को लालपुर नर्सरी के पीछे बुलाया और धारदार हथियार से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।

साक्ष्य मिटाने की कोशिशें और पुलिस की सफलता

वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के कई प्रयास किए। उसने मृतक का मोबाइल और सिम कार्ड अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मोबाइल बरामद किया। इसके अलावा घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े, इस्तेमाल की गई स्कूटी और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी जब्त कर लिया गया।

मानसिक स्थिति और योजना की पुष्टि

जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने इंटरनेट पर ‘अपराध के बाद पुलिस से कैसे बचें’, ‘मोबाइल ट्रैकिंग से बचाव’ और ‘मानसिक तनाव’ जैसे विषय खोजे थे। यह डिजिटल खोज हिस्ट्री आरोपी की मानसिक स्थिति और अपराध की योजना को प्रमाणित करने वाली अहम कड़ी बनी।