अमेरिका ने शुक्रवार यानी 17 जनवरी से अपने एच-1बी वीजा प्रोग्राम में बड़े बदलाव किए हैं। एच-1बी वीजा ही दुनियाभर के कुशल पेशेवरों को अमेरिका में रहने और काम करने की सुविधा देता है। भारतीय पेशेवरों को इस एच-1बी वीजा से बहुत फायदा मिलता है और इसकी वजह से ही लाखों भारतीय अमेरिका में काम कर रहे हैं। यकीनन इन बदलावों का भारतीय पेशेवरों पर भी असर पड़ेगा। अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा अमेरिका की आव्रजन नीति में यह आखिरी सुधार है क्योंकि 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
एच-1बी वीजा का संचालन यूनाइटेड स्टेट्स सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) द्वारा किया जाता है। साल 2023 में अमेरिका ने जितने भी H-1B वीजा जारी किए थे, उनका लाभ पाने वाले 70 प्रतिशत पेशेवर भारतीय ही थे। माना जा रहा है कि नए बदलावों से भारतीयों को फायदा मिल सकता है।
H-1B वीजा नियमों में होंगे ये बदलाव
किसी संगठन द्वारा बड़ी संख्या में एच-1बी वीजा आवेदन न किए जाएं, इस पर रोक के लिए नियमों को बेहतर किया गया है ताकि सभी को मौके मिल सकें।
जो छात्र अमेरिका में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और अमेरिका में काम करना चाहते हैं, उनके एफ-1 वीजा को एच-1बी वीजा में बदलने की प्रक्रिया को आसान किया गया है।
नए नियमों के तहत विशेषज्ञ पेशे में बदलाव किए गए हैं। इनके तहत पात्र पदों को भरने के लिए स्नातक डिग्री की जरूरी होगी, लेकिन कुछ मामलों में इसमें छूट भी दी जा सकती है और अगर उनकी योग्यता नौकरी से संबंधित है तो बिना विशेषज्ञ डिग्री भी उन्हें प्राथमिकता दी जा सकती है।
यूएससीआईएस ने एच-1बी वीजा के बैकलॉग को खत्म करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रावधान किया है ताकि योग्य पेशेवरों को एच-1बी वीजा के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
बदलावों को नियोक्ता के लिए अधिक लचीला बनाया गया है और वे अपनी जरूरतों के हिसाब से विशिष्ट पेशेवरों की नियुक्ति कर सकेंगे। साथ ही कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाले बिजनेसमैन भी अब एच-1बी वीजा के लिए स्वयं याचिका दायर कर सकेंगे।
नए नियमों के तहत एच-1बी वीजा धारकों का अचानक निरीक्षण भी हो सकेगा और अगर निरीक्षण में कुछ खामियां पाई गईं तो वीजा रद्द भी किया जा सकेगा। साथ ही अब एच-1बी वीजा के साथ एक नया अपडेट फॉर्म आई-129 भी भरना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को आसान बनाना है।
एच-1बी वीजा धारक अब बिना अपने देश लौटे अपने वीजा का नवीनीकरण करा सकेंगे। इससे भारतीय पेशेवरों को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।