पाकिस्तान। ईरान-इज़राइल संघर्ष को लेकर वैश्विक तनाव बढ़ते ही देश के अंदर भी चर्चा गर्म है। तेल और गैस की बढ़ती क़ीमतें आम जनता को प्रभावित कर रही हैं, वहीं पाकिस्तान में ईरान के समर्थन और विरोध को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस भी जारी है। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक इफ्तार पार्टी के दौरान सेना प्रमुख ने शिया धर्मगुरुओं से कहा कि “अगर आपको ईरान पसंद है, तो वहीं चले जाओ। हम किसी को भी विदेशी देशों के प्रति अपनी वफ़ादारी की वजह से पाकिस्तान में अफ़रा-तफ़री फैलाने की इजाज़त नहीं देंगे।” इस बयान को शिया समुदाय ने अपमानजनक और अस्वीकार्य माना है।

शिया नेताओं की प्रतिक्रिया

सेना प्रमुख के इस बयान के बाद शिया नेताओं में नाराज़गी फैल गई। धार्मिक नेता सैयद जवाद नदवी ने इसे सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाला कदम करार दिया और कहा कि इस तरह के बयान सीधे तौर पर शिया समुदाय के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिया समुदाय की निष्ठा पाकिस्तान के प्रति है और किसी विदेशी देश के साथ जोड़ना गलत है।

शिया नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि पाकिस्तान के निर्माण में उनके समुदाय का अहम योगदान रहा है और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाना अनुचित है। इस पूरे मामले ने देश में सांप्रदायिक माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।

पाकिस्तान में गहराता माहौल

सेना प्रमुख के बयान के बाद पाकिस्तान में सामाजिक और राजनीतिक माहौल गहराया है। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान शिया समुदाय के खिलाफ दबाव बनाने की कोशिश हैं। नागरिकों का मानना है कि देशभक्ति की परिभाषा को किसी विशेष बयान या समुदाय पर आधारित नहीं होना चाहिए, और इस तरह के विवादों से समाज में तनाव बढ़ सकता है।