श्रीलंका में तूफान ‘दितवाह’ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 132 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 176 लोग लापता हैं। तूफान की वजह से 15,000 से अधिक घर नष्ट हो गए हैं और 78,000 लोग अस्थायी शरणस्थलों में पहुंचाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें, पुल, रेल लाइनें और बिजली नेटवर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

स्थिति को गंभीर मानते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने आपातकाल लागू कर दिया है। इससे राष्ट्रपति को राहत और बचाव कार्यों को तेज़ी से संचालित करने के लिए व्यापक शक्तियां प्राप्त हो गई हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के हजारों जवान खोज और बचाव कार्य में जुटे हैं।

आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, कुल 25 जिलों में 2,17,263 परिवार और 7,74,724 लोग तूफान से प्रभावित हुए हैं। भूस्खलन और बाढ़ के कारण कई बस्तियां पूरी तरह दब गई हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं।

श्रीलंका में तबाही के बाद तूफान का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में अलर्ट जारी किया गया है और राहत बचाव टीमों को पहले ही तैनात कर दिया गया है। नागरिकों को तूफान के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।