हांगकांग में बुधवार को लगी भयानक आग ने शहर को हिला कर रख दिया है। सात ऊंची आवासीय इमारतों में आग फैलने से अब तक 146 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 150 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल लगातार राहत और खोज अभियान में जुटा हुआ है। यह हांगकांग की पिछली कई दशकों की सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक मानी जा रही है।
आग कैसे फैली:
सुरक्षा मंत्री क्रिस टैंग ने बताया कि आग इमारत के निचले हिस्से में लगी प्लास्टिक और फोम बोर्ड वाली जालीदार परत से शुरू हुई। तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। बांस से बनी स्कैफोल्डिंग जलने से आग और अधिक फैल गई और आस-पास की इमारतों तक पहुंच गई।
खामियां उजागर:
पलायन करने वाले लोग आग बुझाने और बचाव व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कई मंजिलों में फायर अलार्म काम नहीं कर रहे थे, आपातकालीन निकासी मार्ग अवरुद्ध थे और सुरक्षा व्यवस्था पुरानी व अप्रभावी थी। प्रभावित सात इमारतों में कुल 1984 फ्लैट थे और लगभग 4600 लोग रह रहे थे।
जांच और गिरफ्तारी:
आग तेजी से फैलने की जांच जारी है। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है, जो नवीनीकरण कार्य से जुड़ी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि निर्माण में नियमों का उल्लंघन कर सस्ती और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था।
चीन सरकार की प्रतिक्रिया:
हांगकांग हादसे के बाद चीन सरकार ने पूरे देश में ऊंची इमारतों, अस्पतालों, मॉल और सार्वजनिक स्थलों में फायर सेफ्टी जांच का आदेश दिया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि निकासी मार्ग, पुरानी वायरिंग और ज्वलनशील सामग्री की तत्काल जाँच कर सुधार किया जाए।
हादसे की भयावहता और बड़ी संख्या में मृतकों और लापता लोगों के कारण हांगकांग में मातम का माहौल है। राहत एवं बचाव अभियान अब भी जारी है।