ग्लोबल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य पूर्व में तनाव तेज हो गया है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले से आग लग गई, जबकि सऊदी अरब ने चार मिसाइलों को रोकने का दावा किया है।
अमेरिका और इज़राइल के साथ ईरान का संघर्ष सोमवार को और गहरा गया। इस बार ईरान समर्थित मिलिशिया भी सक्रिय हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हमलों का दायरा बढ़ गया।
ईरान ने इज़राइल और अन्य अरब देशों पर मिसाइलों का हमला किया, वहीं लेबनान से हिज़बुल्लाह ने रॉकेट और ड्रोन से इज़राइल पर हमला किया। इज़राइल ने बेरूत के दक्षिणी क्षेत्र और दक्षिणी लेबनान में हवाई हमलों से जवाब दिया। लेबनानी अधिकारियों ने कम से कम 31 लोगों की मौत की पुष्टि की है। इज़राइल ने भविष्य में लंबी लड़ाई की चेतावनी भी दी है।
इस बढ़ते संघर्ष की शुरुआत अमेरिकी-इज़राइली हमलों के बाद हुई, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत की खबर सामने आई। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, और ईरानी रेड क्रिसेंट ने 131 शहरों में कम से कम 555 मौतों की सूचना दी है।
इस बीच, तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इंकार कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी अली लारीजानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावों के बावजूद ईरान किसी बातचीत के लिए तैयार नहीं है।
साथ ही, ईरानी ड्रोन ने सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे दैनिक पांच लाख बैरल क्षमता वाली इस सुविधा का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।