ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को अमेरिका और इज़राइल की कड़ी आलोचना की है। अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को वीडियो संदेश में कहा कि मिनाब शहर के शजराह तैय्येबह प्राथमिक स्कूल पर हमला सुनियोजित और जानबूझकर किया गया था। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध करार दिया।
हमले में 175 से अधिक छात्रों और शिक्षकों की मौत
अराघची ने बताया कि इस हमले में 175 से ज्यादा छात्र और शिक्षक मारे गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल के पास अत्याधुनिक तकनीक है, इसलिए यह मानना असंभव है कि हमला अनजाने में हुआ। उनका कहना था कि यह केवल एक गलती या आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से नियोजित हमला था।
दोषियों को सजा मिलने की मांग
अराघची ने जोर देकर कहा कि इस अत्याचार को न तो उचित ठहराया जा सकता है और न ही इसे छिपाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की पूरी दुनिया में कड़ी निंदा होनी चाहिए और दोषियों को सजा भुगतनी होगी। उन्होंने अमेरिका के विरोधाभासी बयानों की भी आलोचना की, जो इस हमले को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।
हमला युद्ध के पहले दिन हुआ
रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 28 फरवरी 2026 को ईरान‑अमेरिका युद्ध के पहले दिन हुआ था। कथित तौर पर अमेरिकी टोमहॉक क्रूज मिसाइल ने मिनाब के शजराह तैय्येबह प्राथमिक स्कूल को निशाना बनाया। यह हमला ईरान‑अमेरिका संघर्ष के शुरुआती दिन की सबसे भयावह घटनाओं में से एक माना जा रहा है।