नई दिल्ली/विक्टोरिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स की यात्रा के दौरान देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल 'गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन' से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में किए गए प्रयासों और सतत विकास (Sustainable Development) को बढ़ावा देने में उनके नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद दोनों देशों के बीच विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और आपसी सहयोग को नई मजबूती देना है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर क्षेत्र की कल्पना करता है, जहां साझेदारी समानता, विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हो तथा सभी देश मिलकर आगे बढ़ें।
पर्यावरण और हरित विकास के प्रयासों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
'गार्जियन ऑफ द ब्लू हॉरिजन' सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संबंधी वैश्विक पहलों में उनके योगदान की मान्यता के रूप में दिया गया है। हाल के वर्षों में उन्हें पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
इसी वर्ष मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में नवाचार और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को 'एग्रीकोला मेडल' से सम्मानित किया था।
पहले भी मिल चुके हैं कई प्रतिष्ठित सम्मान
इससे पहले वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की ओर से 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी वर्ष उन्हें वैश्विक सहयोग, समावेशी विकास और सतत आर्थिक प्रगति में योगदान के लिए 'सियोल पीस प्राइज' भी प्रदान किया गया था।
तीन दिवसीय दौरे पर हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। राजधानी विक्टोरिया पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया और स्टेट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इस दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग, व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।