नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े कथित पेपर लीक विवाद, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ किया है कि उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
21 जून से शुरू हुए इस आंदोलन में छात्रों, अभिभावकों और युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार जरूरी हैं।
निर्धारित अवधि के बाद भी जारी रहा धरना
दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद 21 जून को प्रदर्शन शुरू हुआ था। शुरुआती दिनों में छात्र पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग करते दिखाई दिए। हालांकि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा, जिससे कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस की स्थिति बनी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक धरना जारी रहेगा।
सुविधाओं को लेकर उठे सवाल
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ समय के लिए स्थल पर बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। उनका कहना था कि इससे आंदोलनकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में सेवाएं बहाल होने के बावजूद इस मुद्दे को लेकर विवाद बना रहा।
सोनम वांगचुक ने शुरू की भूख हड़ताल
आंदोलन के नौवें दिन सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल से पहले उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को नया समर्थन मिला और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने लगे। हरियाणा की कुछ खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलनकारियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं पर आरोप
सोनम वांगचुक के धरने में शामिल होने के बाद आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर पानी और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मांग की। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अमायरा के परिवार ने भी दिया समर्थन
धरना स्थल पर नौ वर्षीय अमायरा का परिवार भी पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए भोजन उपलब्ध कराया। आंदोलनकारियों ने परिवार के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि वे न्याय से जुड़े विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। समय के साथ यह छात्र हितों, भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा संबंधी मुद्दों को उठाने वाले एक जन-अभियान के रूप में सामने आई। संगठन ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया है।
आंदोलन की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मांगों में NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, प्रभावित छात्रों को न्याय और जवाबदेही तय करने की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि जब तक इन मुद्दों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।