जर्मनी दौरे पर पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बुधवार को बर्लिन हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया। उनके साथ भारतीय प्रवासी कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा भी मौजूद रहे।

राहुल गांधी ने अपने दौरे के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार देश की अर्थव्यवस्था में एकाधिकार और कुछ बड़े उद्योगपतियों के दबदबे को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक कमान फिर से छोटे और मझोले उद्योगों यानी एमएसएमई के हाथ में देनी चाहिए।

इससे पहले राहुल गांधी ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आइसक्रीम निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इन छोटे व्यवसायों के सामने जीएसटी, बढ़ती फीस और कागजी कार्रवाई के चलते संचालन मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर आइसक्रीम को स्वैच्छिक कर योजना से बाहर रखा और राज्यों व नगर निगमों ने शुल्क बढ़ा दिए।

राहुल गांधी ने कहा, "आज छोटे आइसक्रीम निर्माता इंडिया गेट जैसे पर्यटन स्थलों पर भी मुश्किल से दिखते हैं। यही समस्या हर क्षेत्र में दोहराई जा रही है। केवल सरकार के पसंदीदा बड़े उद्योगपति ही बच रहे हैं, जो भाजपा को चंदा देते हैं और बदले में पूरे बाजार पर कब्जा कर लेते हैं।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दुष्चक्र को तोड़कर एमएसएमई को सशक्त बनाना होगा। उनका कहना था कि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, आम लोगों को सस्ते और बेहतर विकल्प मिलेंगे और छोटे उद्योग देश की आर्थिक प्रगति में बराबरी के साझेदार बनेंगे।