हैदराबाद/असम। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुयन शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है। यह मामला खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सामने आया था।

पवन खेड़ा के आरोप
खेड़ा ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री ने उनके पीछे पुलिस भेजी। उन्होंने यह भी कहा कि रिनिकी भुयन शर्मा ने अपने पासपोर्ट और विदेश में संपत्तियों के संबंध में सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। पवन खेड़ा के अनुसार, शर्मा की पत्नी की व्योमिंग (अमेरिका) में पंजीकृत कंपनी के लंदन, दुबई और ढाका में पते दर्ज हैं।

खेड़ा पर क्या आरोप है
असम पुलिस का कहना है कि पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान दिल्ली स्थित उनके आवास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज होने का दावा किया गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब 5 अप्रैल को खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाए कि रिनिकी भुयन शर्मा के पास विदेशी पासपोर्ट हैं और दुबई में संपत्ति छिपाई गई है।

मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से जाली दस्तावेजों पर आधारित है और चुनाव से पहले भ्रम फैलाने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि असम पुलिस दस्तावेजों के स्रोत का पता लगाने के लिए पूरी मेहनत कर रही है।

जांच और छापेमारी
पुलिस उपायुक्त देवजीत नाथ की अगुवाई में अपराध शाखा ने दिल्ली में खेड़ा के आवास पर छापेमारी की। हालांकि, खेड़ा वहां मौजूद नहीं थे। छापेमारी में डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए। बताया गया है कि हैदराबाद में भी उनकी तलाश जारी है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया
पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि कानून का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की मांग की है।