नई दिल्ली/बेरूत। बुधवार दोपहर बेरूत के मध्य हिस्सों में इस्राइल ने अचानक कई हमले किए, जिनमें व्यावसायिक और आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 254 लोग मारे गए और 1,165 से अधिक घायल हुए।
हमले ऐसे समय में हुए जब हाल ही में ईरान के साथ युद्ध विराम लागू किया गया था। एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी मीडिया के हवाले से बताया कि इस हमले के जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है।
इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने 10 मिनट के भीतर हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया, जिसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी शामिल हैं। स्थानीय लोग इस दावे को खारिज कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमले सीधे रिहायशी क्षेत्रों पर हुए। हमले की वजह से समुद्र तटीय राजधानी में काले धुएं और धमाकों का माहौल फैल गया, जबकि लोग शरण स्थलों में सुरक्षित होने की कोशिश कर रहे थे।
लेबनानी नेताओं ने हमलों की निंदा की। सामाजिक मामलों की मंत्री हनीद सैयद ने कहा कि यह “बेहद खतरनाक मोड़” है और हमले उन इलाकों में हुए जहां विस्थापित लोग रह रहे हैं। प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया, जबकि राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को बर्बर करार दिया।
इस्राइल ने हिजबुल्ला कमांडर नईम कासेम को चेतावनी दी कि उनके ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा। हिजबुल्ला का कहना है कि इस्राइल युद्धविराम का पालन नहीं कर रहा और वे पुरानी स्थिति में लौटने को तैयार नहीं हैं।
लेबनान में हालात गंभीर हैं। युद्ध की शुरुआत से अब तक 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं। युद्ध विराम के बाद कुछ लोग लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इन हमलों ने खौफ और अनिश्चितता फिर से बढ़ा दी है।