लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा किया जा रहा है।

इस वर्ष कांग्रेस का विषय “ट्रांसफार्मिंग एग्रीकल्चर फॉर डेवलप्ड एग्रीकल्चर: विकसित भारत-2047” रखा गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कृषि वैज्ञानिक सम्मान योजना 2025-26 के तहत चयनित 15 वैज्ञानिकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की किसान नीतियाँ स्पष्ट और किसानों के लिए लाभकारी हैं। उत्तर प्रदेश में बीज उत्पादन से लेकर बाजार तक, और वैल्यू एडिशन तक के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डबल इंजन सरकार किसानों को उनके फसल मूल्य का डेढ़ गुना तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित कर रही है और हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम
सीएम ने बताया कि राज्य में फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सरकार ने 6,700 निराश्रित गौ-आश्रय स्थल स्थापित किए हैं, जिनमें लगभग 16 लाख निराश्रित गौवंश सुरक्षित हैं। प्रत्येक गौवंश के रखरखाव के लिए परिवारों को प्रति माह 1,500 रुपये सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह मॉडल अब पूरे देश में लागू किया जा रहा है।

सिंचाई में मुफ्त बिजली का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 16 लाख बिजली संचालित ट्यूबवेल्स के बिल माफ किए गए हैं। किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को 3,000 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है। इसके साथ ही 23 लाख ट्यूबवेल्स को सोलर पैनल से जोड़ने की योजना आगे बढ़ रही है।

“लैब इन लैंड” का विचार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब समय आ गया है कि खेती को प्रयोगशाला में बदलने के बजाय खेत ही प्रयोगशाला बनें। देश की कुल कृषि योग्य भूमि का केवल 11% हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, फिर भी यह प्रदेश देश का 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है। किसानों के लिए प्रशिक्षण और गोष्ठियों का कार्यक्रम लगातार जारी है।

नेक्स्ट जनरेशन फॉर्मिंग और टेक्नोलॉजी का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम उत्पादन को उत्पादकता और उत्पादकता को लाभप्रदता में बदल सकते हैं। इस लाभप्रदता के माध्यम से किसान की आय बढ़ाने और खुशहाली सुनिश्चित करने में टेक्नोलॉजी आधारित नेक्स्ट जनरेशन फॉर्मिंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

साथ ही उन्होंने बताया कि ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ के प्रभावी उपयोग से आकाशीय बिजली से होने वाली हानि को रोकने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। यह प्रणाली विशेष रूप से मीरजापुर और सोनभद्र में जन-सुरक्षा के लिए प्रभावी साबित हुई है।