लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में चुनाव आयोग पर सीधे भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल में चुनाव से जुड़े हालिया पोस्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष न रहे तो चुनाव स्वाभाविक रूप से हिंसा रहित और निष्पक्ष नहीं होंगे। उन्होंने बंगाल की जनता से ममता बनर्जी को जिताने की अपील की और कहा कि एक-एक वोट लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश ने एक फिल्म के पोस्टर और उसकी रिलीज के संदर्भ में भी टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सपा की अगली सरकार सत्ता में आएगी और भाजपा केवल दिखावे के लिए चुनाव लड़ रही है। मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं के नाम कटे जा रहे हैं और भाजपा इसका फायदा नहीं देना चाहती। उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर छतरी लगाने और पिछली सरकारों द्वारा प्रतिमाओं को तोड़े जाने का भी जिक्र किया।
भाजपा का जवाब
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह वक्तव्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा अपनी राजनीतिक हताशा छिपाने के लिए चुनाव आयोग, सुरक्षा बल और जांच एजेंसियों पर लगातार निशाना साध रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास, सुशासन, सुरक्षा और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ है और भ्रम और प्रपंच की राजनीति को नकार चुकी है। जनता सपा की नकारात्मक और लोकतंत्र विरोधी राजनीति को तीसरी बार भी नकारने के लिए तैयार है।