पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस हरसंभव प्रयास करेगा कि अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किसी भी सैन्य कार्रवाई को असंभव बनाया जा सके। यह बयान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को दिया।

अंतरराष्ट्रीय बातचीत जारी रखेगा रूस
लावरोव राजदूतों की गोलमेज बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रूस क्षेत्रीय देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों के साथ लगातार संवाद में रहेगा। उनका कहना था कि रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि किसी भी सैन्य हमले को रोका जा सके। लावरोव ने जोर देकर कहा कि रूस ऐसी परिस्थितियां बनाने की कोशिश करेगा, जिससे अमेरिका और इस्राइल के सैन्य अभियान असंभव हो जाएं।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पश्चिम एशिया में ऐसे हमलों पर रोक लगाई जाए, जिनसे आम नागरिकों या नागरिक ढांचों को नुकसान पहुंचे।

सैन्य अभियानों का उद्देश्य अस्पष्ट
लावरोव ने ईरान पर जारी हमलों के उद्देश्य पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि अमेरिका के नेता भी स्पष्ट रूप से यह नहीं बता पा रहे कि इन अभियानों का अंतिम लक्ष्य क्या है। उन्होंने दावा किया कि ईरान पर हमलों का एक उद्देश्य खाड़ी के देशों और ईरान के अरब पड़ोसियों के बीच विभाजन पैदा करना भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि ‘लायंस रोवर’ और ‘एपिक फ्यूरी’ नामक अभियानों का असली मकसद अस्पष्ट है। लावरोव का यह बयान उस समय आया जब हालात तेजी से बदल रहे हैं। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान में संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज कर दिए।

पश्चिम एशिया संघर्ष छठे दिन में
ईरान ने क्षेत्रीय अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए। वहीं, इस्राइल ने भी ईरान पर हमले जारी रखे और लेबनान में हिज़बुल्ला को निशाना बनाया। लावरोव ने यह भी कहा कि जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया बातचीत सकारात्मक माहौल के साथ खत्म हुई थी और दोनों पक्ष कुछ समझौतों के करीब थे। हालांकि, बाद में अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान उनकी शर्तें मानने को तैयार नहीं है, जिसे लावरोव ने रणनीति करार दिया।