यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने शनिवार को अमेरिकी सांसदों के साथ बातचीत के दौरान दावा किया कि रूसी बल यूक्रेन के दो परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर चुके हैं और वे तीसरे संयंत्र की ओर बढ़ रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा समय में माइकोलाइव के उत्तर में करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित युझनौक्रेंस्क परमाणु ऊर्जा संयंत्र खतरे में है. जेलेंस्की ने यहां अमेरिकी सांसदों से रूस के तेल एवं गैस क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने और क्रेडिट कार्ड सुविधा को निरस्त करने की भी अपील की है.

रूस और यूक्रेन जंग के बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने पहले की ट्रेवल एडवाइजरी (Travel Advisories) को अपडेट किया है और अब सलाह दी है कि अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द रूस छोड़ दें.

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार को दावा किया कि देश के मध्य एवं दक्षिण-पूर्वी हिस्से के प्रमुख शहरों पर यूक्रेनी बलों का नियंत्रण बरकरार है जबकि रूसी बल खारकीव, निकोलीव, चेर्निहाइव और सूमी को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा कि हम अतिक्रमणकारियों को ऐसा नुकसान पहुंचा रहे हैं कि उन्होंने अपने बुरे समय में भी ऐसे नुकसान नहीं देखे होंगे. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि युद्ध के 10 दिन में 10,000 रूसी सैनिकों को मार गिराया गया है.

हालांकि, इस दावे की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है. रूस की ओर से हताहत सैनिकों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा रही. हालांकि, बुधवार को रूस ने लड़ाई में करीब 500 सैनिकों की मौत होने के बारे में खुलासा किया था.

रूसी के राष्ट्रपति पुतिन ने शनिवार को कहा कि किसी तीसरे पक्ष द्वारा यूक्रेन के ऊपर ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित करने को मास्को युद्ध में शामिल होने के तौर पर देखेगा. इस बीच, यूक्रेन के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि रूस ने संघर्ष विराम के विपरीत कार्रवाई करते हुए दो शहरों पर बमबारी की, जिससे वहां से लोगों को निकालने में दिक्कत का सामना करना पड़ा.

मारियूपोल और वोलनोवाखा में संघर्ष विराम लागू नहीं होने से युद्ध खत्म करने के प्रयासों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. इसके साथ ही मात्र 10 दिन में करीब 14 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं. पुतिन ने यूक्रेन पर लोगों के निकासी अभियान में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया और यह भी दावा किया कि यूक्रेन का नेतृत्व देश के स्वतंत्र राष्ट्र के दर्जा के भविष्य पर सवाल उठा रहा है.