समाजवादी पार्टी नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई सोमवार को टल गई। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 15 मई तय कर दी है।
पैन कार्ड केस में पहले सुनाई जा चुकी है सजा
इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट पहले ही आजम खां और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दे चुकी है। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई है—एक तरफ सजा को चुनौती दी गई है, वहीं अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग की है।
15 मई को अगली सुनवाई
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने स्थगन याचिका प्रस्तुत की। अभियोजन की ओर से एडीजीसी सीमा राणा और स्वदेश शर्मा ने पक्ष रखा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मामले की अगली तारीख 15 मई निर्धारित कर दी है।
अन्य मामलों में भी सुनवाई टली
आजम खां से जुड़े अन्य दो मामलों—डूंगरपुर बस्ती प्रकरण और पालिका की सफाई मशीन मामले—में भी सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
- डूंगरपुर मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी
- सफाई मशीन मामले में सुनवाई 11 मई को तय की गई है
डीएम टिप्पणी केस अंतिम चरण में
वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की बहस समाप्त होने के बाद अदालत अब 16 मई को फैसला सुना सकती है।
इस मामले में आरोप है कि प्रचार के दौरान आजम खां का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन डीएम पर टिप्पणी की थी। यह केस एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन है और अब निर्णय के करीब पहुंच चुका है।