पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर जोर देकर कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष जल्दी ही समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने फोन पर दिए गए इंटरव्यू में कहा कि अब निशाने पर लिए जाने वाले लक्ष्य बहुत कम बचे हैं और जब वे चाहेंगे, यह युद्ध खत्म हो जाएगा।

हालांकि, क्षेत्र में हमले और सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी हैं। इससे पहले, इस्राइल के रक्षा मंत्री बिनी गैंट्ज़ ने कहा कि ईरान पर हमले तब तक चलते रहेंगे, जब तक सभी निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। गैंट्ज़ ने एएफपी को बताया कि अभियान की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है और यह तब तक चलेगा जब तक परिणाम स्पष्ट न हों। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान और पूरे देश में हमले रोजाना जारी रहेंगे और अलग-अलग ठिकानों को क्रमबद्ध तरीके से निशाना बनाया जाएगा। इन हमलों का मकसद ईरानी नागरिकों को खामनेई की सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने और शासन बदलने के लिए प्रेरित करना भी है।

ट्रंप ने एक दिन पहले सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार प्रणाली कमजोर हो चुकी है, मिसाइलों की संख्या कम रह गई है और ड्रोन लगातार नष्ट किए जा रहे हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी भी दी कि कोई भी “चालाकी” करने की कोशिश उसकी समाप्ति का कारण बन सकती है।

वहीं, ईरान ने भी मंगलवार को ट्रंप को जवाबी चेतावनी दी थी। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की जानकारी साझा की और चेताया कि अगर अमेरिका ने इस पर ध्यान न दिया तो उसका जवाब ऐतिहासिक होगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि यदि ये सुरंगें हटा दी जाती हैं, तो स्थिति नियंत्रित की जा सकती है, अन्यथा अमेरिका कड़ा कदम उठाएगा।