अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने वेनेजुएला और ईरान में अमेरिकी सैन्य प्रयासों की सफलता का जिक्र करते हुए अब क्यूबा पर संभावित सैन्य कार्रवाई का संकेत दिया।
ट्रंप ने शुक्रवार को एक निवेश मंच पर भाषण देते हुए कहा, "वेनेजुएला और ईरान के बाद अगला नंबर क्यूबा का है।" उनके इस बयान ने वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और द्वीप राष्ट्र के संभावित सैन्य हस्तक्षेप को लेकर चिंताएँ बढ़ा दी हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका क्यूबा के साथ क्या कदम उठाने वाला है।
ट्रंप ने अमेरिकी सेना की क्षमताओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "मैंने यह महान सैन्य बल तैयार किया। मैंने कहा था कि आपको इसे इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लेकिन कभी-कभी इसका इस्तेमाल करना पड़ता है।" इसके बाद उन्होंने दोहराया कि क्यूबा अगला निशाना हो सकता है।
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के साथ बातचीत शुरू कर दी है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद संकेत दिए हैं कि सैन्य विकल्प पूरी तरह से बाहर नहीं रखा गया है।
दूसरी ओर, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने स्वीकार किया कि देश अमेरिका के साथ संवाद बढ़ा रहा है ताकि किसी संभावित सैन्य टकराव को टाला जा सके। क्यूबा की अर्थव्यवस्था तेल आयात में व्यवधान के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है, जो बिजली उत्पादन और परिवहन सेवाओं पर निर्भर है।