इस्लामाबाद से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पुलिस और एक प्रतिबंधित प्रदर्शनकारी संगठन के सदस्यों के बीच हुई हिंसक झड़पों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा हिंसा रावलकोट शहर में देखने को मिली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद ने जानकारी दी कि झड़पों में तीन नागरिकों की मौत हुई है और करीब 40 लोग घायल हुए हैं। वहीं पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान चार पुलिसकर्मियों की भी जान चली गई, जबकि 23 अन्य जवान घायल हो गए।
यह हिंसा उस समय हुई जब जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों से ठीक एक दिन पहले क्षेत्र में हालात पहले से ही तनावपूर्ण थे। प्रशासन ने हाल ही में इस संगठन पर सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए प्रतिबंध लगाया था।
JAAC पिछले कुछ वर्षों में कई बार बड़े और हिंसक प्रदर्शनों का नेतृत्व कर चुका है और संगठन का दावा है कि वह अपनी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।
मंगलवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर कई मुद्दे उठाए जा रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा एक नेता की हत्या, इंटरनेट बंदी, JAAC पर प्रतिबंध के अलावा बिजली संकट, महंगाई, बेरोजगारी और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी और राजनीतिक असंतुलन को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पूरे पीओके में इंटरनेट और टेलीकॉम सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। साथ ही, संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
इस बीच इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी यात्रा पर रोक लगाते हुए 5 जून से 20 जून तक क्षेत्र में न जाने की एडवाइजरी जारी की है।