कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ी पकड़ रही हैं। चुनाव आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कर रहा है, वहीं तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दल अपनी रणनीति पर काम में जुटे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 480 कंपनियां तैनात की जाएंगी।
सुरक्षा बलों की तैनाती
चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार, यह तैनाती 1 मार्च से शुरू होगी और इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में लगभग 240 कंपनियां शामिल होंगी, जबकि बाकी 240 कंपनियां 10 मार्च तक तैनात कर दी जाएंगी। इन बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कर्मी शामिल होंगे।
सशस्त्र पुलिस बलों का काम न केवल क्षेत्रीय नियंत्रण और विश्वास निर्माण उपायों में सहयोग करना होगा, बल्कि वे स्ट्रांग रूम में ईवीएम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे।
मतदाता सूची और चुनाव कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा मार्च में होने की संभावना है।
अन्य राज्यों में चुनावी स्थिति
हाल ही में जानकारी मिली है कि अप्रैल में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। इस बार असम में चुनाव एक चरण में होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, पुडुचेरी का विधानसभा कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है, जबकि असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 20, 23, 10 और 7 मई को कार्यकाल पूरा होगा। चुनाव आयोग के अधिकारी इन राज्यों का दौरा करके चुनावी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।