नई दिल्ली। एयर इंडिया की एक लंदन से बेंगलुरु जाने वाली उड़ान सोमवार, 2 फरवरी को उस समय टल गई जब पायलट ने उड़ान से पहले बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी की सूचना दी। एहतियात के तौर पर विमान को उड़ान की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद एयरलाइन ने अपने पूरे ड्रीमलाइनर बेड़े की जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, अब तक एयर इंडिया के करीब आधे बोइंग 787 विमानों की जांच पूरी हो चुकी है और उनमें कोई खामी नहीं मिली है, जबकि शेष विमानों की जांच जारी है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए एयरलाइन के इंजीनियरिंग विभाग ने मामले को तुरंत विमान निर्माता बोइंग के पास भेजा है।

एयर इंडिया के फ्लाइट ऑपरेशंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उप्पल ने ड्रीमलाइनर पायलटों को भेजे गए संदेश में बताया कि पूरे बेड़े में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लैच की दोबारा जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक बोइंग से जवाब नहीं मिलता, तब तक एहतियात के तौर पर हर विमान की तकनीकी पुष्टि की जा रही है। जिन विमानों की यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

एयरलाइन ने अपने क्रू को निर्देश दिए हैं कि उड़ान के दौरान या उससे पहले यदि कोई भी तकनीकी समस्या दिखाई दे, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट की जाए और विमान को स्वीकार करने से पहले सभी सुरक्षा मानकों की पूरी तरह जांच कर ली जाए।

गौरतलब है कि पिछले साल अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान के हादसे के बाद फ्यूल कंट्रोल स्विच पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी और शुरुआती जांच में टेक-ऑफ के तुरंत बाद ईंधन आपूर्ति रुकने की बात सामने आई थी। फिलहाल एयर इंडिया के बेड़े में 33 बोइंग 787 विमान शामिल हैं, जिनमें 26 बोइंग 787-8 और सात बोइंग 787-9 हैं। इनमें कुछ विमान विस्तारा से आए हैं और एक विशेष रूप से तैयार किया गया विमान भी हाल ही में बेड़े में जोड़ा गया है।