तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। मतदान से करीब एक सप्ताह पहले प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा, लेकिन इसी बीच टीवीके प्रमुख और अभिनेता विजय के चुनावी कार्यक्रमों में लगातार बदलाव और रद्दीकरण ने सियासी चर्चा को तेज कर दिया है।
विजय के कई कार्यक्रम अचानक रद्द
चुनाव आयोग से अनुमति मिलने के बावजूद टीवीके ने कई ऐसे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं, जिनमें विजय को सीधे मतदाताओं से संवाद करना था। हालांकि पार्टी ने इन कार्यक्रमों के अचानक स्थगन के पीछे कोई स्पष्ट आधिकारिक कारण नहीं बताया है।
चुनावी मैदान में दो सीटों से उतरेंगे विजय
विजय इस बार दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं और चुनाव प्रचार में उनकी मौजूदगी को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने पेरम्बूर और कोलाथुर में प्रचार किया था।
इसके बाद विल्लीवाक्कम में उनका एक कार्यक्रम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रद्द किया गया। 2 अप्रैल को उन्होंने तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट पर प्रचार किया, जहां से वे भी मैदान में हैं।
लगातार रैलियां रद्द होती रहीं
आने वाले दिनों में भी उनके कई कार्यक्रम प्रभावित हुए। 6 अप्रैल को टी. नगर और विल्लीवाक्कम में प्रस्तावित रोड शो समय की कमी के कारण रद्द कर दिए गए।
8 अप्रैल को तिरुनेलवेली और थूथुकुडी में रोड शो तो हुए, लेकिन 9 अप्रैल को कुड्डालोर का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इसी तरह 11 अप्रैल और 13 अप्रैल को प्रस्तावित सभाएं भी स्थगित कर दी गईं।
विपक्ष का हमला तेज
विजय के कम प्रचार करने और कार्यक्रम रद्द होने को लेकर विपक्षी दलों ने उन पर निशाना साधा है। सत्ताधारी डीएमके ने तंज कसते हुए कहा कि विजय “घर बैठे ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं।”
उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ नेता लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं, जबकि कुछ सीमित और रुक-रुककर प्रचार करते हैं।
अन्य दलों का जोरदार प्रचार जारी
राज्य में जहां एक ओर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी पलानीस्वामी और एनटीके नेता सीमान जैसे बड़े नेता पूरे दमखम के साथ प्रचार कर रहे हैं, वहीं टीवीके प्रमुख विजय के रैलियों से दूरी बनाने के चलते पार्टी पर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।