मुजफ्फरनगर में आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गौसेवकों ने एक फाउंडेशन की टीम पर अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। मामला नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की कूकड़ा चौकी तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, गांधी कॉलोनी में अर्जुन फाउंडेशन की टीम द्वारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक ऐसी मादा कुतिया को पकड़ा गया, जिसने हाल ही में पिल्लों को जन्म दिया था। आरोप है कि उस समय उसके छोटे पिल्लों को मौके पर ही छोड़ दिया गया, जिसके बाद वे भूख-प्यास से परेशान होने लगे।

गौसेवक अमन सोनकर ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई और विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी कूकड़ा चौकी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था, लेकिन विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ।
अमन सोनकर ने आरोप लगाया कि फाउंडेशन से जुड़े कुछ लोगों—सावन महिंद्रा, संदीप अरोड़ा और सारिका गोयल—ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने इसे सामाजिक और व्यक्तिगत अपमान बताया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद कई अन्य गौसेवक भी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। इसके बाद सभी ने कूकड़ा चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
गौसेवकों का कहना है कि किसी भी सामाजिक या सेवा कार्य के दौरान इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।