पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार सोमवार को थम गया। इस चरण में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच मुकाबला बेहद तीखा रहा, जिसमें घुसपैठ, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। दोनों प्रमुख दलों ने 142 सीटों पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जोरदार अभियान चलाया।

भाजपा का आक्रामक प्रचार

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई बड़े नेताओं ने रैलियां कीं। पार्टी ने टीएमसी सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
पीएम मोदी ने खास तौर पर मतुआ समुदाय को साधने की कोशिश करते हुए नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भ्रम दूर करने की बात कही और शरणार्थियों को स्थायी निवास का भरोसा दिलाया।

अमित शाह ने भी राज्य में पशु तस्करी रोकने और कानून व्यवस्था सुधारने का वादा किया। उन्होंने “सिंडिकेट राज” और “गुंडा राज” खत्म करने की बात कहते हुए महिलाओं और बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक सहायता देने जैसे कई वादे किए।

टीएमसी का पलटवार

दूसरी ओर, टीएमसी ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने और समाज को बांटने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और वह दोबारा सत्ता में लौटेगी।
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर पुराने वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार रोजगार और आर्थिक मोर्चे पर विफल रही है।

ममता बनर्जी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और प्रशासन पर पक्षपात के आरोप भी लगाए। उन्होंने चुनाव के बाद कार्रवाई की चेतावनी देने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए।

चुनाव आयोग की तैयारियां

29 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं। इस चरण में करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
राज्य भर में 41 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सभी पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की हजारों कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि निगरानी के लिए ड्रोन और विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

अहम सीटों पर नजर

इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला दिलचस्प है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कोलकाता पोर्ट, बैरकपुर, दमदम, बालीगंज और जादवपुर जैसी सीटों पर भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
कांग्रेस भी इस चुनाव में सक्रिय है और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रचार किया, जबकि अधीर रंजन चौधरी लंबे अंतराल के बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही अब सबकी नजर 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है।