मुजफ्फरनगर: जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका सीधा असर जनजीवन पर दिखाई दे रहा है। सोमवार को तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिसके चलते दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया है।


गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपना रहे हैं। बाहर निकलते समय मास्क, नकाब, छाता और कैप का इस्तेमाल बढ़ गया है। वहीं, शरीर को ठंडक देने वाले पेय पदार्थों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। शहर के बाजारों और चौराहों पर गन्ने का रस, बेल का शरबत और ठंडे पेय पदार्थों की बिक्री में इजाफा देखा जा रहा है।

गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त) गजेंद्र सिंह के अनुसार, जिलाधिकारी ने हीट वेव की स्थिति को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ, डीपीआरओ, एसडीएम व तहसीलदारों को सार्वजनिक स्थानों पर छाया और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष टीमें तैनात की जा रही हैं, ताकि गर्मी से संबंधित बीमारियों से निपटा जा सके। साथ ही जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रमिकों को भी राहत देने के लिए कदम उठाए गए हैं। श्रम विभाग और मनरेगा के तहत काम करने वालों से हीट वेव के दौरान काम न लेने या निर्धारित समय से अधिक काम न कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है। अब स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। प्रशासन समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से धूप में न निकलने की अपील कर रहा है।