कोलकाता। दुष्कर्म के लिए सख्त कानून की मांग पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से पीएम मोदी को एक सप्ताह के अंदर दूसरी बार लिखे गए पत्र पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा है कि वे पत्र न लिखकर सवालों के जवाब दें। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त रवैया अपना रही है लेकिन बहुत से राज्य इस मामले में ईमानदारी से प्रयास नही कर रहे।
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कही थी ये बात
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को शुक्रवार को फिर पत्र लिखकर कहा कि केंद्र को दुष्कर्म व हत्या जैसे जघन्य अपराधों के लिए सख्त कानून बनाना और उसमें कठोर सजा का प्रावधान करना चाहिए। निर्दिष्ट समय सीमा में ऐसे मामलों का निपटारा होना चाहिए। ममता ने पत्र में यह भी शिकायत की है कि प्रधानमंत्री की तरफ से अभी तक उन्हें इसका कोई जवाब नहीं मिला है। उन्हें सिर्फ केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें इस मुद्दे को लेकर गंभीरता नहीं झलकती।
इसपर पलटवार करते हुए भाजपा के आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि ममता को पत्र लिखना छोड़कर सवालों के जवाब देने चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि उनकी सरकार ने बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त नियम-कानून लागू क्यों नहीं किए।
मालवीय ने ममता को झूठा करार दिया
मालवीय ने ममता को झूठा करार देते हुए कहा कि पीएम मोदी को लिखे गए पत्र के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय बाल महिला विकास मंत्री अन्नापूर्णा देवी की ओर से उन्हें जो पत्र लिखा गया है, उसमें साफ तौर पर कहा गया है कि बंगाल सरकार ने दुष्कर्म व पोक्सो संबंधित मामलों के लिए एक भी त्वरित अदालत का गठन नहीं किया है। मालवीय ने यह भी दावा किया कि बंगाल में पिछले 48 घंटों के दौरान दुष्कर्म व हत्या की कम से कम सात घटनाएं हो चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में पीड़िता नाबालिग हैं।