ईरान के साथ तनाव और संभावित युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक और बड़ा नाम चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफबीआई प्रमुख काश पटेल की भी कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है।

इससे पहले अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज और अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को लेकर भी बदलाव की खबरें सामने आ चुकी हैं। अब काश पटेल को लेकर उठे विवादों ने व्हाइट हाउस के भीतर हलचल बढ़ा दी है।

विवादों के घेरे में काश पटेल

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि काश पटेल अपने कथित व्यवहार और कार्यशैली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में हैं। उन पर अत्यधिक शराब सेवन और अनुशासनहीन व्यवहार जैसे आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

‘पॉलिटिको’ की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि लगातार सामने आ रही नकारात्मक रिपोर्ट्स और विवादों के कारण ट्रंप प्रशासन में पटेल को लेकर असंतोष बढ़ा है।

‘अटलांटिक’ रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

विवाद तब और गहरा गया जब ‘द अटलांटिक’ की एक रिपोर्ट में एफबीआई के भीतर उनके कामकाज को लेकर चिंता जताई गई। रिपोर्ट में उनके व्यवहार पर भी सवाल उठाए गए और यह दावा किया गया कि एक बार सिस्टम से लॉक होने के बाद वे घबरा गए थे। हालांकि, काश पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

शराब सेवन के आरोप और कानूनी कार्रवाई

पटेल पर शराब के अत्यधिक सेवन से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। उन्होंने इन आरोपों को अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए खारिज किया है और इसके खिलाफ 250 मिलियन डॉलर का मानहानि मुकदमा दायर किया है।

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि उनके खिलाफ पहले भी शराब से जुड़े कुछ पुराने मामले सामने आए थे, जिन्हें लेकर उन्होंने कानूनी दस्तावेजों में स्वीकारोक्ति दी थी।

इसके अलावा हाल ही में उन्हें एक हॉकी टीम के ड्रेसिंग रूम में शराब के साथ जश्न मनाते हुए देखा गया, जिससे विवाद और गहरा गया।

व्हाइट हाउस का रुख

ट्रंप प्रशासन में पहले ही कई बड़े बदलाव हो चुके हैं और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को हटाया जा चुका है। हालांकि व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि काश पटेल अभी भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी टीम का अहम हिस्सा हैं और उनके पद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।