समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर के करंडा-कटरिया मामले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल बयान बदलवाने से सच्चाई नहीं बदली जा सकती। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में ऐसी कमजोर सरकार पहले कभी नहीं देखी गई, जो पीड़ित और गरीब लोगों पर दबाव डालकर उनके बयान बदलवाने का प्रयास कर रही हो।

रविवार को जारी अपने बयान में अखिलेश यादव ने कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हुई, पीड़ितों के बयान क्यों बदले गए और उन्हें लगातार परेशान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसने रोका और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर संदेह क्यों पैदा हुआ।

“सच को दबाया नहीं जा सकता”

अखिलेश यादव ने कहा कि जमीनी सच्चाई को कोई भी रिपोर्ट या दबाव नहीं बदल सकता। उनके मुताबिक, गांव के हर घर तक सच्चाई पहुंच चुकी है और लोग वास्तविकता को जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की कथित गलत नीतियों और बयानों के कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है।

पीडीए समाज का मुद्दा उठाया

सपा अध्यक्ष ने कहा कि गाजीपुर की घटना और इससे पहले हाथरस कांड जैसी घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों मामलों में पीड़ित परिवार “पीडीए समाज” से जुड़े थे। अखिलेश यादव ने इसे सामाजिक न्याय से जुड़े संघर्ष का हिस्सा बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस लड़ाई को आगे भी जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि पीडीए का संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक आंदोलन है, जिसे वह आगे भी जारी रखेंगे।