प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रविवार को काजीरंगा नेशनल पार्क पहुँचे। यहाँ उन्होंने 35 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का विधिवत भूमि पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने असम को बेहतर रेल कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काजीरंगा आना उनके लिए हमेशा खास अनुभव रहता है। उन्होंने अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में बिताया गया समय उनके जीवन के अविस्मरणीय पलों में शामिल है। उस दौरान उन्हें नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम और अगले दिन हाथी सफारी का अवसर मिला था, जिससे वे इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को नज़दीक से देख सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की धरती पर कदम रखते ही उन्हें अलग ही ऊर्जा और खुशी का अनुभव होता है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भी सराहना की और कहा कि बोड़ो समुदाय का पारंपरिक नृत्य सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो असम की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचा रहा है।

सभा के दौरान कुछ युवा कलाकार अपने हाथों से बनाए गए चित्र और स्केच लेकर प्रधानमंत्री के पास पहुंचे। यह देखकर पीएम मोदी ने अपना भाषण रोकते हुए कहा कि ये युवा काफी देर से खड़े हैं, इसलिए उनके चित्र उन्हें दे दिए जाएं। उन्होंने कलाकारों से कहा कि यदि उन्होंने अपने पते लिखे हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पत्र भेजा जाएगा।

अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा आज देशभर में लोगों की पहली पसंद बन चुकी है और बीते एक-डेढ़ वर्षों में जनता का भरोसा पार्टी पर लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने बिहार, महाराष्ट्र और केरल के हालिया चुनावी नतीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक समर्थन मिला है। वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विकास के स्पष्ट एजेंडे के अभाव में जनता का विश्वास उससे लगातार कम होता जा रहा है।

काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर को बताया अहम परियोजना

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी जानकारी साझा करते हुए बताया कि कालीबोर में शुरू होने वाली विकास परियोजनाओं में 35 किलोमीटर लंबा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रमुख है। यह परियोजना विशेष रूप से मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही नई अमृत भारत ट्रेनें राज्य की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कॉरिडोर वन्यजीव संरक्षण और यातायात सुविधा—दोनों के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से असम के विकास को नई गति मिलेगी।

6,957 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

करीब 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से काजीरंगा नेशनल पार्क के जानवरों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है। केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने इस मार्ग के दो-लेन हिस्से को चार लेन में बदलने और 34.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है।

दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ

प्रधानमंत्री ने दिब्रूगढ़ से गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या से रोहतक के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का वर्चुअल फ्लैग ऑफ भी किया। इसके बाद उन्होंने कालीबोर की जनसभा को संबोधित किया और फिर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हुए।

इससे पहले शनिवार को गुवाहाटी में प्रधानमंत्री ने बोड़ो लोकनृत्य ‘बगुरुम्बा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसमें 10 हजार से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुति दी। यह आयोजन अर्जुन भोगेश्वर बरुआह स्टेडियम, सारुसजाई में हुआ था।

एक महीने में दूसरी बार असम दौरा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी एक महीने के भीतर दूसरी बार असम पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने गुवाहाटी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया था और असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बरदालोई की प्रतिमा का अनावरण किया था। इसके अलावा डिब्रूगढ़ में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया संयंत्र की आधारशिला भी रखी गई थी।