नई दिल्ली। ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में यह मंच वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स देशों को मिलकर बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने, सतत विकास को आगे बढ़ाने और एक अधिक संतुलित वैश्विक संरचना तैयार करने की दिशा में काम करना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में मौजूद सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों से मुलाकात की और भारत की प्राथमिकताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अब केवल उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक दक्षिण (Global South) की अपेक्षाओं और हितों को प्रभावी रूप से सामने रखने वाला महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी संदेश साझा करते हुए कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।
विकासशील देशों की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और अधिक प्रभावी तरीके से उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और संतुलित प्रतिनिधित्व समय की मांग है, ताकि सभी देशों को समान अवसर मिल सकें। भारत का लक्ष्य है कि वैश्विक व्यवस्था अधिक समावेशी और सहयोगात्मक बने।
रूस के विदेश मंत्री से द्विपक्षीय चर्चा
ब्रिक्स बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति सहित कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत हमेशा विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
बैठक में लावरोव ने भारत-रूस संबंधों में हाल के वर्षों में हुई प्रगति की जानकारी दी, विशेष रूप से दिसंबर 2025 में हुए 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद हुए सहयोगात्मक कदमों का उल्लेख किया गया। पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों की विशेष और रणनीतिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा हुई।
नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक की शुरुआत
दो दिवसीय ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में शुरू हुई, जिसकी अध्यक्षता विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर रहे हैं। इस बैठक में सदस्य देशों के साथ-साथ कई साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। चर्चा में आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, व्यापार और वैश्विक विकास से जुड़े अहम मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं।