सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है, जिसमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नई भाषा नीति को चुनौती दी गई है। इस नीति के तहत 1 जुलाई से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होना आवश्यक है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने मामले पर केंद्र सरकार, सीबीएसई और एनसीईआरटी को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार, नया नियम आगामी सत्र से लागू होगा, जिसके तहत कक्षा 9 के विद्यार्थियों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी।

यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।