शामली में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का पर्व बृहस्पतिवार को श्रद्धा और परंपरागत उत्साह के साथ मनाया जाएगा। जिलेभर में कुल 73 ईदगाह और 147 प्रमुख मस्जिदों सहित करीब 220 स्थानों पर ईद की नमाज अदा की जाएगी। प्रशासन ने पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

पर्व को देखते हुए जिले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। पूरे जिले को 14 सेक्टर और 5 जोन में विभाजित कर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस-प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है।

एसपी एनपी सिंह ने बताया कि थाना और चौकी स्तर पर शांति समिति की बैठकें पहले ही आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा शहरों और कस्बों में लगातार फुट पेट्रोलिंग और फ्लैग मार्च किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

ड्रोन और सोशल मीडिया पर नजर

ईदगाहों, मस्जिदों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। किसी भी तरह की भ्रामक, आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थान पर सड़क या सार्वजनिक मार्ग पर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं होगी।

ईदगाहों में नमाज का समय

  • शामली ईदगाह – सुबह 6:30 बजे
  • कैराना ईदगाह – सुबह 6:15 बजे
  • थानाभवन ईदगाह – सुबह 7:15 बजे
  • कांधला ईदगाह – सुबह 7:30 बजे
  • जलालाबाद ईदगाह – सुबह 8:00 बजे
  • हसनपुर लुहारी ईदगाह – सुबह 7:30 बजे
  • चौसाना ईदगाह – सुबह 7:30 बजे
  • गढ़ी हसनपुर ईदगाह – सुबह 7:30 बजे

बकरीद से पहले बाजारों में बढ़ी रौनक

बकरीद से एक दिन पहले शामली के बाजारों में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। शाम होते ही शहर के बड़ा बाजार, मेन बाजार, दिल्ली रोड और धीमानपुरा रोड सहित कई इलाकों में लोगों की भीड़ बढ़ गई।

त्योहार को लेकर कुर्ता-पायजामा, पारंपरिक परिधान, इत्र और ड्राईफ्रूट्स की मांग में तेजी देखी जा रही है। गर्मी के चलते दिन में कम भीड़ रही, लेकिन शाम के समय बाजारों में चहल-पहल काफी बढ़ गई और देर रात तक खरीदारी जारी रही।

स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बकरीद से एक दिन पहले ग्राहकों की भीड़ अधिक रहती है और इस बार भी पारंपरिक कपड़ों की मांग खास तौर पर बढ़ी है।