दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को राजधानी के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए दिल्ली के सभी सातों सांसदों और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में आवासीय परियोजनाओं, भूमि विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
उपराज्यपाल की यह दिल्ली के सातों सांसदों के साथ पहली औपचारिक बैठक रही, जिसमें राजधानी की जमीनी जरूरतों और लंबित विकास परियोजनाओं की स्थिति पर फोकस किया गया। अधिकारियों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य डीडीए की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना और विकास कार्यों में तेजी लाना था।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे और इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दे और नागरिक सुविधाओं से संबंधित समस्याएं भी बैठक में रखीं।
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ तेजी से बढ़ता हुआ महानगर है, इसलिए यहां विकास योजनाओं को वर्तमान जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों दोनों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप दिल्ली को एक आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए सभी एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि डीडीए की परियोजनाओं की निगरानी और गति को बढ़ाया जाएगा ताकि सार्वजनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जा सके। आने वाले समय में कई लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है।