कुरुक्षेत्र: शाहाबाद अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। खरीद प्रक्रिया में देरी से नाराज़ किसानों ने विरोध तेज करते हुए लाडवा रोड पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसानों का प्रदर्शन जारी रहा।

आढ़त कमीशन बना मुख्य अड़चन

सरकार की ओर से 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक मंडी में खरीद शुरू नहीं हो सकी है। इसकी प्रमुख वजह आढ़तियों और प्रशासन के बीच कमीशन दर को लेकर बना विवाद बताया जा रहा है। सरकार ने आढ़त (कमीशन) 1 प्रतिशत निर्धारित की है, जिसे आढ़ती स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। इसी कारण खरीद प्रक्रिया अटक गई है और गत मंगलवार को आढ़तियों ने स्पष्ट कर दिया था कि वे इस दर पर काम शुरू नहीं करेंगे।

किसानों की पंचायत के बाद सड़क पर विरोध

स्थिति को सुलझाने के लिए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) की ओर से मार्केट कमेटी कार्यालय में पंचायत आयोजित की गई। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि आढ़तियों और सरकार के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा किसानों को न भुगतना पड़े और सूरजमुखी की खरीद तुरंत शुरू की जाए।

हालांकि अधिकारियों के स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका, जिसके बाद किसान और भाकियू कार्यकर्ता लाडवा रोड पर धरने पर बैठ गए और जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन स्थिति यथावत बनी रही।

यूनियन का रुख साफ

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि संगठन का स्पष्ट रुख है—जैसे ही मंडी में सूरजमुखी की खरीद शुरू होगी, किसान अपना धरना समाप्त कर देंगे।