सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों को बड़ी राहत दी है। अब इन श्रमिकों को पांच किलो वाले एलपीजी सिलिंडर लेने के लिए अपने निवास का प्रमाण दिखाने की जरूरत नहीं होगी। केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाकर वे अधिकृत गैस एजेंसी से सिलिंडर ले सकते हैं।
एलपीजी वितरक महासंघ ने फैसले की सराहना की
अखिल भारतीय एलपीजी वितरक महासंघ के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे जरूरतमंद लोगों के लिए सही कदम बताया। उनका कहना है कि प्रवासी कामगार, छात्र, कामकाजी महिलाएं और अन्य पेशेवर जो नए घरेलू गैस कनेक्शन नहीं ले सकते, अब आसानी से सिलिंडर प्राप्त कर पाएंगे।
केवल घरेलू उपयोग के लिए सुविधा
इस योजना के तहत लोग नजदीकी एजेंसी में पहचान पत्र और एक सामान्य घोषणा पत्र जमा करके सिलिंडर ले सकते हैं। घोषणा पत्र में यह बताना होगा कि वे उसी इलाके में रहते हैं और सिलिंडर का उपयोग सिर्फ खाना पकाने के लिए करेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए है, जिनके पास पहले से एलपीजी कनेक्शन नहीं है। ध्यान रहे कि इस योजना के सिलिंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार के मुताबिक, इस पहल को लेकर लोगों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। योजना लागू होने के बाद एक ही दिन में 90,000 से ज्यादा सिलिंडर वितरित किए गए। 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख सिलिंडर बेचे जा चुके हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि यह कदम देशभर में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की कि वे घबराकर अतिरिक्त बुकिंग न करें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।