बहादुरगढ़ पुलिस ने नवजात शिशु तस्करी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सफलता पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व और पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में हासिल हुई। इससे पहले ही इस गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया गया था और अब जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
नवीन गिरफ्तारी में शामिल आरोपियों की पहचान संदीप पवार (भगत सिंह कॉलोनी, बल्लभगढ़), रुद्रा प्रताप सिंह (सेक्टर-27, रायपुर, छत्तीसगढ़), विजय (पंचशील ग्रीन-2, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, उत्तर प्रदेश) और मोहन पांचाल उर्फ मोनू उर्फ मोना (अशोक नगर, शाहदरा, दिल्ली, वर्तमान में गाजियाबाद) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि ये सभी आरोपी पहले से पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे और नवजात शिशुओं की अवैध खरीद-फरोख्त के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। ये आरोपी सप्लाई चेन मजबूत करने, संभावित खरीदारों से संपर्क बनाने और सौदे को अंतिम रूप देने में शामिल थे। संयुक्त पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी और गुप्त सूत्रों की मदद से इन आरोपियों तक पहुंच बनाई। लगातार निगरानी और सटीक कार्रवाई के बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और सोशल मीडिया के माध्यम से निसंतान दंपतियों को निशाना बनाता था।
गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उनसे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, फरार सरगना और नेटवर्क से जुड़े खरीदारों तक पहुंच बनाई जा सके। पुलिस ने बताया कि देशभर के विभिन्न स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।
पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा ने स्पष्ट किया कि नवजात शिशु तस्करी जैसी जघन्य अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बहादुरगढ़ पुलिस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत है और आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना है।