पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के लोगों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कल्याणी में आयोजित एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 27 मई से ‘अन्नपूर्णा योजना’ के आवेदन फॉर्म वितरित करना शुरू करेगी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि भारत का कोई भी नागरिक इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है और फॉर्म राज्य सचिवालय से प्राप्त किए जा सकेंगे।
सामाजिक सुधार से जुड़े फैसलों के तहत मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब किसी भी स्कूल, कॉलेज या धार्मिक स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस निर्णय का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास के वातावरण को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाना बताया गया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने गरीबों के लिए सस्ती भोजन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 400 विशेष कैंटीन स्थापित करने की योजना भी बनाई है। इन कैंटीनों में सप्ताह में दो दिन मात्र 5 रुपये में चावल और मछली का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की दिशा में सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘आयुष’ (AYUSH) विभाग को अलग इकाई के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया है। अब तक यह विभाग स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत काम करता था, लेकिन अब इसे स्वतंत्र पहचान दी जाएगी।
यह सभी घोषणाएं कल्याणी में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सामने आईं, जिसमें नदिया, उत्तर 24 परगना और हुगली जिलों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि बैठक का उद्देश्य सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना और विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना था।