पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सत्तारूढ़ टीएमसी और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं।

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान वीडियो संदेश के जरिए तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उत्तर बंगाल में बाढ़ राहत के लिए केंद्र से मिले लगभग 100 करोड़ रुपये के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले की जांच होगी और भाजपा सरकार बनने पर इस राशि की वसूली की जाएगी।

शाह ने अपने संबोधन में दार्जिलिंग और गोरखा समुदाय से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो गोरखा समुदाय की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और पुराने मामलों की समीक्षा कर गोरखा नेताओं पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे।

खराब मौसम के कारण अमित शाह दार्जिलिंग के लेबोंग नहीं पहुंच सके, जिसके चलते उन्होंने मालदा से ही वीडियो के माध्यम से जनता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को कर्सियांग में होने वाली रैली में वे स्वयं शामिल होंगे।

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर यह भी आरोप लगाया कि गोरखा मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई बैठकों में राज्य सरकार ने सहयोग नहीं किया, जिससे यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है।

इसके अलावा, शाह ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी टीएमसी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर घुसपैठ, अपराध और माफिया गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि गोरखा समुदाय से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा कर उन्हें खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा।

गौरतलब है कि दार्जिलिंग क्षेत्र में गोरखालैंड की मांग लंबे समय से उठती रही है और इस मुद्दे पर पहले भी राजनीतिक तनाव और आंदोलन देखने को मिले हैं। भाजपा ने आश्वासन दिया है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे का समाधान संवैधानिक दायरे में रहकर करेगी।