नई दिल्ली। खाड़ी इलाके में बढ़ते तनाव के बीच मस्कट में भारतीय दूतावास ने रविवार को कहा कि उसे ओमान के तट के पास 14 भारतीय क्रू सदस्यों वाले एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है।
भारतीय मिशन ने घटना की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि ओमान के अधिकारियों और घटना के आस-पास मौजूद जहाजों के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान का समन्वय किया जा रहा है।
'14 क्रू सदस्य थे सवार'
मिशन ने कहा, "मिशन को ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले मशीनीकृत सेलिंग जहाज 'विराट 1' से जुड़ी एक घटना के बारे में पता चला है। बताया जा रहा है कि इस पर 14 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे।"
पिछले हफ्ते हुई थी तीन भारतीय नाविकों की मौत
पिछले हफ्ते ओमान के तट पर तनाव देखा गया था, जब भारतीय क्रू सदस्यों वाले तीन जहाजों पर उस इलाके में अमेरिकी हमला हुआ था। इनमें से एक हमले में तीन नाविकों की मौत हो गई थी।
सूत्रों के मुताबिक, ओमान के तट पर एक बड़ा बचाव अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान तब शुरू हुआ जब 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नाव (धाऊ) रविवार को डूबने लगी। यह संकटपूर्ण स्थिति 14 जून की सुबह ओमान के रास अल हद्द से लगभग 80 नॉटिकल मील पूर्व में पैदा हुई।
सूत्रों के अनुसार, नाव के खतरे में होने की जानकारी मिलने पर अमेरिकी नौसेना ने आपातकालीन कार्रवाई शुरू करने के लिए तटीय अधिकारियों को सतर्क किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में यूएस नेवी के P-8 मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट ने जहाज के पास एक लाइफ राफ्ट गिराया और उस पर सवार लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया पर नजर रखी।
यूएस नेवी ने पास ही मौजूद एक मर्चेंट जहाज एमवी जबल अली 9 (जो सेंट किट्स एंड नेविस का झंडा लगा जहाज था) से भी मदद का तालमेल बिठाया। इन कदमों के बाद जब 'धाऊ' (एक तरह की पारंपरिक नाव) डूबने लगी तो क्रू के सदस्य लाइफ राफ्ट पर सवार हो गए। सूत्रों ने बताया कि 'धाऊ' के अचानक डूबने की असली वजह का तुरंत पता नहीं चल सका।