चेन्नई। कांग्रेस, तृणमूल और अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने सोमवार को तमिलनाडु की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी। इस सूची में राज्य के मतदाताओं की संख्या 74.07 लाख से अधिक घट गई है।
एसआइआर (विशेष सघन पुनरीक्षण) शुरू होने से पहले तमिलनाडु में कुल 6.41 करोड़ मतदाता थे, जो अब घटकर 5.67 करोड़ रह गए हैं। हालांकि, ड्राफ्ट सूची के बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया में 23.30 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया। ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 5.43 करोड़ थी।
10 राज्यों की अंतिम सूची जारी
चुनाव आयोग ने बिहार के बाद 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर के तहत की गई जांच के परिणामस्वरूप दस राज्यों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। वहीं, पश्चिम बंगाल की सूची 28 फरवरी को और उत्तर प्रदेश की सूची 10 अप्रैल को जारी होगी।
सर्वाधिक कमी तमिलनाडु में हुई, जहां 74 लाख से अधिक मतदाता हटाए गए। इसके अलावा, अन्य राज्यों में मतदाता संख्या में गिरावट इस प्रकार रही:
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गुजरात: 68 लाख
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मध्य प्रदेश: 34 लाख
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राजस्थान: 31 लाख
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छत्तीसगढ़: 24.99 लाख
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केरल: 8.97 लाख
चुनाव आयोग के अनुसार, इस कमी का मुख्य कारण मृतक, स्थानांतरित या अस्थायी अनुपस्थित मतदाता हैं।
तमिलनाडु में नई नामांकन और हटाए गए नाम
ड्राफ्ट सूची के बाद दावे-आपत्तियों की अवधि में लगभग 27.53 लाख मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 4.23 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी योग्य मतदाता का नाम अंतिम सूची में छूट गया है, तो वे नामांकन की अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सकते हैं।
आयोग ने यह भी बताया कि अप्रैल के पहले हफ्ते से बाकी बचे राज्यों में एसआइआर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।