पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आई हिंसा की घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मंगलवार को राज्य प्रशासन को साफ निर्देश दिए हैं कि चुनाव बाद किसी भी तरह की हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को निर्देश दिया है कि पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई की जाए और किसी भी स्थिति में शांति भंग न होने दी जाए।

यह सख्त कदम राज्य के विभिन्न इलाकों में सामने आई हिंसक घटनाओं के बाद उठाया गया है। मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर हुई झड़पों में दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई स्थानों पर राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन हालातों को गंभीर मानते हुए आयोग ने तुरंत नियंत्रणात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि शांति व्यवस्था को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कानून-व्यवस्था से समझौता किसी भी कीमत पर न किया जाए और दोषियों पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई हो।

इसके साथ ही आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया है। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके।