समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितताओं और प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग के जरिए “वोट की लूट” की है। अखिलेश के मुताबिक, सत्ता पक्ष ने पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए किया।
लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मंगलवार को बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की निर्णायक लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी “पीडीए” (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ-साथ महिलाओं को भी उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण का लाभ तभी सार्थक होगा जब इसे किसी पार्टी विशेष की सुविधा के बजाय जनसंख्या के अनुपात और जातीय जनगणना के आधार पर लागू किया जाए। अखिलेश यादव ने मांग की कि पहले जातीय जनगणना कराई जाए और उसके बाद ही आरक्षण व्यवस्था को लागू किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रतापगढ़ के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट टॉपर छात्रों सत्यम यादव और ईशान शुक्ला को लैपटॉप देकर सम्मानित भी किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महिला आरक्षण को लेकर सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद से पारित महिला आरक्षण को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले लागू करने की स्पष्ट घोषणा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं करती, तो यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को दर्शाएगा।
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने प्रीपेड मीटर व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के कारण जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने मांग की कि बढ़े हुए बिजली बिलों का समायोजन आगामी बिलों में किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।