कोलकाता। विधानसभा चुनाव से पहले राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान मारे गए लोगों के परिवार के प्रत्येक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया में हुई मौतों की सूची तैयार की है, जिसमें कुल 61 लोगों का नाम शामिल है। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि जिनकी कम उम्र में मौत हुई या जो परिवार में एकमात्र कमाने वाले थे, उनके परिवार के सदस्यों को यह लाभ मिलेगा।
सरकारी स्कूलों के लिए 2,500 करोड़ रुपये का विकास प्रोजेक्ट
बैठक में राज्य के सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार के लिए 2,500 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट की भी मंजूरी दी गई। शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत 430 ब्लॉकों में कम से कम एक माडल स्कूल बनाया जाएगा, जबकि पिछड़े ब्लॉकों में दो माडर्न स्कूल बनाए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि स्कूलों में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट लाइब्रेरी और बेहतर सैनिटरी सुविधाओं के साथ आधुनिक शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी। इस योजना का 70 प्रतिशत खर्च एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) वहन करेगा। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाएगी।
आलू किसानों के लिए MSP पर खरीद का निर्णय
कैबिनेट ने आलू किसानों की चिंता को देखते हुए भी महत्वपूर्ण कदम उठाया। राज्य के ग्रामीण विकास पंचायत मंत्री प्रदीप मजूमदार ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्य सरकार सीधे किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 9.50 रुपये प्रति किलो पर आलू खरीदेगी।
यह कदम किसानों को बाजार में गिरती कीमतों से बचाने और छोटे किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए उठाया गया है। पंचायत मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी पांच बार सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है और मार्च की शुरुआत से आलू की खरीद शुरू हो जाएगी।