नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक को लेकर जानकारी साझा की है। विदेश दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री ने गुरुवार शाम ‘सेवा तीर्थ’ में इस वर्ष 2026 की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री शामिल हुए। इससे पहले ऐसी बैठक 4 जून 2025 को हुई थी।
बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि बैठक के दौरान ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, सुधारों को गति देने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने पर भी फोकस रहा।
प्रधानमंत्री के अनुसार, मंत्रिपरिषद की बैठक में नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए नए विचारों और बेहतर तरीकों पर चर्चा की गई, जिससे आम नागरिकों का जीवन आसान हो सके और व्यापारिक माहौल और बेहतर बने।
विकास और सुधारों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाना है, जो देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। बैठक को उन्होंने बेहद उपयोगी और परिणामोन्मुखी बताया।
वैश्विक परिस्थितियों के बीच बैठक
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव और भू-राजनीतिक हालात के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिस पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री की हालिया अपील
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की थी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता देने, जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने और ईंधन की बचत करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा उन्होंने अनावश्यक खर्चों, जैसे विदेश यात्राओं और कुछ गैर-जरूरी खरीदों पर संयम बरतने की भी सलाह दी थी।