वाराणसी । अमेरिकी दौरा समाप्त कर भारत आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' सुनने के लिए रविवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह रहा। चौकाघाट राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय के सभागार में महापौर डॉ मृदुला जायसवाल,राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की बातें ध्यान से सुनी और गुनी।

'मन की बात' के जरिए प्रधानमंत्री ने एकात्म मानव वाद के प्रणेता पं. दीन दयाल उपाध्याय को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल ने सीख दी कि हमारे पास जो कुछ भी है, वो देश की वजह से ही तो है इसलिए देश के प्रति अपना ऋण कैसे चुकाएंगे, इस बारे में सोचना चाहिए। दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से हमें कभी हार न मानने की भी सीख मिलती है। विपरीत राजनीतिक और वैचारिक परिस्थितियों के बावजूद भारत के विकास के लिए स्वदेशी मॉडल के विजन से वे कभी डिगे नहीं। आज बहुत सारे युवा बने-बनाए रास्तों से अलग होकर आगे बढ़ना चाहते हैं। वे चीजों को अपनी तरह से करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पं. दीनदयाल के जीवन से उन्हें काफी मदद मिल सकती है। इसलिए युवाओं से मेरा आग्रह है कि वे उनके बारे में जरूर जानें। प्रधानमंत्री ने नदियों को बचाने पर जोर देकर कहा कि देशवाशियों से आग्रह करूंगा कि भारत में, कोने-कोने में साल में एक बार तो नदी उत्सव मनाना ही चाहिए।उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में देश ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। इस लड़ाई में हर भारतवासी की अहम भूमिका है। हमें अपनी बारी आने पर वैक्सीन तो लगवानी ही है, पर इस बात का भी ध्यान रखना है कि कोई इस सुरक्षा चक्र से छूट ना जाए।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम लोगों की जिंदगी का हाल यह है कि एक दिन में सैकड़ों बार कोरोना शब्द हमारे कान में गूंजता है। 100 साल में आई सबसे बड़ी वैश्विक महामारी कोविड-19 ने हर देशवासी को बहुत कुछ सिखाया है। हेल्थ केयर और वैलनेस को लेकर आज जिज्ञासा भी बढ़ी है और जागरूकता भी। प्रधानमंत्री की बात सुनने के बाद कार्यकर्ताओं ने इसकी जमकर सराहना की। मन की बात सुनने वालों में साधना वेदांती, अभिषेक मिश्रा, महानगर मीडिया प्रभारी किशोर कुमार सेठ, रजत जायसवाल, रौनी वर्मा,मधुप सिंह, डॉ रचना अग्रवाल,नीरज जायसवाल आदि शामिल रहे।