बंगलूरू। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान अब और तेज हो गई है। पहले तक इस रेस में केवल सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के नाम चर्चा में थे, लेकिन अब राज्य के गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी है।

गृह मंत्री जी परमेश्वर ने ताजा बयान में कहा कि यदि उनके समर्थक उनके नाम को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित कर रहे हैं, तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने अपनी काबिलियत पर भरोसा जताते हुए कहा कि इस पर किसी को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

'इसमें गलत क्या है?'
बंगलूरू में मीडिया से बातचीत के दौरान जी परमेश्वर ने कहा, “अगर इसमें कोई गलत है तो मुझे बताइए, मैं उसे सुधार दूंगा। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि इस तरह के मुद्दों पर सड़क पर चर्चा नहीं होती, इसके लिए पार्टी की प्रक्रिया होती है। किसी भी तरीके से यह नहीं कहा जा सकता कि इस मांग में कोई गलती है।”

जी परमेश्वर ने अपने अनुभव और योग्यता का हवाला देते हुए कहा, “मैं आठ वर्षों तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष रहा हूं और दो बार पार्टी को सत्ता में लाया है। क्या ये बिना योग्यता के संभव था? मैंने डिप्टी सीएम के पद पर भी काम किया है, क्या कोई बिना योग्यता के इस जिम्मेदारी को संभाल सकता है?”

पार्टी आलाकमान पर छोड़ी अंतिम फैसला
परमेश्वर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी से अपने नाम की सिफारिश नहीं मांगी है। सीएम पद पर अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान का होगा। दिल्ली जाकर पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने के सवाल पर उन्होंने कहा, “दिल्ली मेरे लिए नई जगह नहीं है। जब भी जरूरी होगा, मैं सीधे दिल्ली जाऊंगा और यदि आधिकारिक काम होगा, तो इसकी घोषणा करूँगा। यदि मुझे लगेगा कि किसी मुद्दे पर पार्टी आलाकमान से चर्चा करनी चाहिए, तो मैं जरूर जाऊंगा।”